“ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक विकास में स्वयं सहायता समूह का योगदान - एक आर्थिक अध्ययन”  (लखीसराय जिला के संदर्भ में)

Authors

  • आनंद मोहन and प्रो० (डाॅ.) शरद प्रवाल

Abstract

    किसी भी देष के आगे बढ़ने के लिए पहली एवं सबसे जरूरी शत्र्त है कि समाज के सभी तबके का एक समान सषक्तीकरण हो। यह तभी हासिल हो सकता है, जब एक समान विकास का मौका सुनिष्चित करने के लिए अलग-अलग योजनाओं और नीतियों का एकीकरण हो। सरकार बहुआयामी रणनीति पर काम कर समाज के इन अलग-अलग तबकों के सषक्तीकरण की कोषिष कर रही है। सरकार ने लैंगिक समानता और महिला सषक्तीकरण के लिए अनेकानेक नीतिगत उपाय किए है। स्वयं सहायता समूह ;ैमस िभ्मसच ळतवनचद्ध को बढ़ावा देना और सूक्ष्म वित्त ;डपबतवपिदंदबमद्ध के माध्यम से आर्थिक तौर पर सक्रिय बनाना इनमें से एक है।

 

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Published

2026-07-04

How to Cite

आनंद मोहन and प्रो० (डाॅ.) शरद प्रवाल. (2026). “ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक विकास में स्वयं सहायता समूह का योगदान - एक आर्थिक अध्ययन”  (लखीसराय जिला के संदर्भ में). INTERNATIONAL JOURNAL OF SOCIAL SCIENCE & INTERDISCIPLINARY RESEARCH ISSN: 2277-3630 Impact Factor: 8.036, 13(06), 43–50. Retrieved from https://www.gejournal.net/index.php/IJSSIR/article/view/2946